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मेरे प्रत्यर्पण के फैसले और कर्ज चुकाने के प्रस्ताव को क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण से कैसे जोड़ा जा रहा है? – विजय माल्या

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शराब के कारोबारी विजय माल्या (Vijay Mallya) ने अपने कर्ज चुकाने के प्रस्ताव का अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर (AgustaWestland) सौदेबाजी मामले के बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल के प्रत्यर्पण (extradition) का आपस में किसी तरह के लिंक से इनकार किया है. इसके साथ ही उन्होंने अपने प्रत्यर्पण के फैसले का भी इससे किसी तरह का लिंक नहीं बताया. बता दें, विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर कोर्ट जल्द ही फैसला देने वाला है.

माल्या ने गुरुवार को ट्वीट करके फिर से बैंकों का कर्ज चुकाने का वादा किया है. उन्होंने कहा कि प्लीज पैसे ले लीजिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह उन किस्सों को खत्म करना चाहते हैं कि वे बैंकों का पैसा लेकर भाग गए हैं. 

माल्या ने ट्वीट में कहा, ‘आदरपूर्वक, मुझ पर टिप्पणी करने वालों से कहना चाहता हूं कि मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि मेरे प्रत्यर्पण के फैसले और कर्ज चुकाने के प्रस्ताव को हालही में दुबई से हुए प्रत्यर्पण से कैसे जोड़ा जा रहा है. चाहें मैं कहीं भी रहूं, मेरी अपील यही है, ‘प्लीज पैसा ले लीजिए’. मैं इस किस्से को खत्म करना चाहता हूं कि मैंने बैंकों का पैसा चोरी किया है.’

विजय माल्या ने बुधवार को कहा था कि उनके ब्रिटेन से भारत में प्रत्यर्पण के मामले में कानून अपना काम करेगा लेकिन मैं “जनता के पैसों” का 100 प्रतिशत भुगतान करने के लिये तैयार हूं. माल्या प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने दावा कि नेताओं और मीडिया ने उन्हें गलत तरीके से “डिफॉल्टर” के रूप में पेश किया. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “मैंने देखा है कि मेरे प्रत्यर्पण के फैसले को लेकर मीडिया में कई चर्चाएं चल रही हैं. यह अलग मामला है और इसमें कानून अपना काम करेगा.”

माल्या ने कहा, “जनता के पैसे सबसे जरूरी चीज है और मैं 100 प्रतिशत पैसे वापस करने की पेशकश कर रहा हूं. मैं बैंकों और सरकार से अनुरोध करता हूं कि वो इस पेशकश को स्वीकार करें.”    माल्या पर कई बैंकों का 9000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है. यह कर्ज उसकी कंपनी फिंगफिशर एयरलाइंस को दिया गया था. माल्या मार्च 2016 में देश छोड़कर ब्रिटेन चले गये थे.

माल्या ने पक्षपात का आरोप लगाते हुये कहा, “नेता और मीडिया लगातार चिल्ला-चिल्लाकर मुझे डिफॉल्टर कह रहे हैं, जो कि सरकारी बैंकों का पैसा लेकर फरार हो गया. यह सब झूठ है. मेरे साथ उचित बर्ताव क्यों नहीं किया जाता है. मैंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष जो व्यापक समाधान प्रस्ताव रखा था, उसका इसी तरह से प्रचार-प्रसार क्यों नहीं किया गया. बेहद दुखद.”

उन्होंने दावा किया कि वह 2016 से बैंकों की बकाया राशि का निपटान करने के लिये पेशकश कर रहे थे. माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस (Kingfisher Airlines) की हालत बिगड़ने को लेकर कहा, “विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में तेजी के कारण विमानन कंपनी को वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ा. किंगफिशर ने एटीएफ के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 140 डॉलर प्रति बैरल का भी सामना किया, जिसके चलते कंपनी का घाटा बढ़ता गया और बैंकों का पैसा इसी में जाता रहा. मैं बैंकों को मूल रकम का 100 प्रतिशत लौटाने की पेशकश करता हूं. कृपया इसे स्वीकार करें.”

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