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मिताली राज के खुलासे से हिल गया BCCI

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम (India Women Cricket Team) की अनुभवी बल्लेबाज मिताली राज (Mitali raj) को हाल ही में संपन्न महिला वर्ल्ड टी20 (Women T20) के सेमीफाइनल से बाहर कर दिया गया था। अब इस मामले की पूरी सच्चाई बीसीसीआई (BCCI) के सामने आ चुकी है। मिताली राज ने बताया कि वेस्टइंडीज (West Indies) पहुंचते ही उनके और कोच रमेश पोवार (Coach Ramesh Powar) के बीच विवाद शुरू हो गया था। मिताली ने बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी (Rahul Johri) और सबा करीम (Saba Karim) को लिखे पत्र में सच्चाई खोलकर रख दी है, जिसे जानकर पूरा क्रिकेट जगत हैरान हैं।

मिताली राज को इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में टीम से बाहर करने का खामियाजा टीम इंडिया को भुगतना पड़ा और वर्ल्ड टी20 में उसका अभियान वहीं खत्म हो गया। इंग्लैंड ने सेमीफाइनल मैच में भारत को आसानी से आठ विकेट से मात दी।

चलिए आपको बताते हैं कि मिताली राज का विवाद कहां से शुरू हुआ और पत्र सामने से पहले इसमें क्या-क्या हुआ। जीत के रथ पर सवार भारतीय महिला टीम को सेमीफाइनल में इंग्लैंड के हाथों करारी हार झेलनी पड़ी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय महिलाओं ने शानदार खेल दिखाया, लेकिन फाइनल से महज एक पड़ाव पहले भारत ने करारी हार झेली। इसकी प्रमुख वजह मिताली को टीम से बाहर करना रहा।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ग्रुप मैच के बाद उन्हें एक बार फिर प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया। मुकाबले से पहले कप्तान हरमनप्रीत ने मिताली के सेमीफाइनल में नहीं खेलने पर कहा कि उनकी टीम एक बार फिर जीत के लिए मैदान पर उतरेगी। मिताली राज ने ग्रुप दौर के दो मैचों में लगातार दो अर्धशतक जड़े थे।

मिताली राज की मैनेजर ने हरमनप्रीत पर गंभीर आरोप लगाए। मिताली राज की मैनेजर अनिशा गुप्ता ने एक ट्वीट के जरिए हरमनप्रीत को आड़े हाथों लिया है और उन्हें ‘अपरिपक्व’, ‘झूठी’ और ‘चालाक’ बताया। ट्वीट एक असत्यापित अकाउंट से पोस्ट किया गया। हालांकि बाद में जब अनिशा से इस बारे में पूछा तो वे हामी भरते हुए अपने बयान पर कायम रहीं। ट्वीट भी कुछ घंटे बाद डिलीट किया गया।

अनिशा ने अपने ट्विट में लिखा ‘दुर्भाग्य से बीसीसीआई का मानना है कि यह राजनीति नहीं है। भारत बनाम आयरलैंड का मैच गवाह है मिताली राज का अनुभव क्या कर सकता है, लेकिन हरमनप्रीत ने वही किया जो उसे करना है। हरमनप्रीत एक मैन्यूपुलेटिव, झूठी, नादान, अयोग्य कप्तान है।’

मैनेजर के बाद पूर्व कप्तान झूलन गोस्वामी भी मिताली राज के समर्थन में खड़ी हुईं। गोस्वामी ने कहा, ‘मिताली को न खिलाने का फैसला टीम मैनेजमेंट का था। मुझे पता है मिताली को ना खिलाने के पीछे उनके कुछ कारण हो सकते हैं लेकिन बतौर क्रिकेट फैन मिताली को बाहर बैठते देख मुझे बुरा लगा।’

बीसीसीआई की प्रशासकों की समिति (सीओए) ने टूर्नामेंट के दौरान मिताली के फिटनेस लॉग की जानकारी मांगी है। सीओए को चिंता है कि सेमीफाइनल से पहले चयन बैठक की जानकारी मीडिया में लीक हुई। इसका जवाब सीओए ने बीसीसीआई प्रबंधन में शामिल सीईओ राहुल जौहरी सहित दो वरिष्ठ अधिकारियों से मांगा गया।

राज को बाहर करने पर कई तरह के सवाल खड़े किए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम लीग मैच में घुटने की चोट के कारण बाहर बैठने से पहले मिताली ने लगातार दो अर्धशतकीय पारियां खेली थीं।

इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में टॉस के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा था कि टीम उसी विजयी संयोजन के साथ खेलना चाहती है, जिसने ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी।

बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार मिताली अपना नजरिया लिखित में क्रिकेट संचालन महाप्रबंधक सबा करीम को सौंप सकती हैं जो महिला क्रिकेट के प्रभारी भी हैं। बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘समझा जाता है कि जल्द ही यहां बैठक होगी और सीओए के हरमनप्रीत, मिताली, रमेश (कोच रमेश पोवार), मैनेजर तृप्ति भट्टाचार्य और दौरा चयनकर्ता सुधा शाह से अलग-अलग बात करने की संभावना है जिससे कि यह समझा जा सके कि आखिर क्यों मिताली को बाहर रखा गया।’

पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली महिला क्रिकेट टीम की सबसे सीनियर खिलाड़ी मिताली राज को इंग्लैंड के खिलाफ विश्व टी20 के सेमीफाइनल में बाहर किए जाने से हैरान नहीं है और उन्होंने कहा कि जब वह अपने करियर के चरम पर थे तब उन्हें भी इसी तरह से बाहर किया गया था।

गांगुली ने कहा, ‘भारत की कप्तानी करने के बाद मुझे भी डगआउट में बैठना पड़ा था। जब मैंने देखा कि मिताली राज को भी बाहर किया गया है तो मैंने कहा, ‘इस ग्रुप में आपका स्वागत है।’

भारतीय महिला टी-20 टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और वन-डे टीम की कप्तान मिताली राज ने सोमवार को बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करके चयन मामले में अपनी बात कही।

ये दोनों सीनियर खिलाड़ी और मैनेजर तृप्ति भट्टाचार्य ने बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी और महाप्रबंधक सबा करीम से मुलाकात की। जौहरी ने पीटीआई से बातचीत में कहा, ‘हां, हम और करीम दोनों मिताली, हरमन और मैनेजर तृप्ति भट्टाचार्य से मिले। इन सभी ने हमसे अलग-अलग मुलाकात की और अपनी राय रखी। हमने सब कुछ नोट किया है।’

वर्ल्ड टी-20 लीग सेमीफाइनल में मिताली राज को न खिलाए जाने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। पूरे मामले में पहली बार मिताली राज ने अपनी चुप्पी तोड़ी। मंगलवार को उन्होंने टीम के कोच और पूर्व भारतीय क्रिकेटर रमेश पवार पर अपमानित करने का आरोप लगा दिया।

मिताली यहीं नहीं थमी। बीसीसीआई प्रशासक समिति की सदस्य डायना इडुल्जी पर भी उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाए। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की इस अनुभवी खिलाड़ी की माने तो डायना उनके साथ भेदभाव करती थी। उन्हें बर्बाद करना चाहती थी।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वन-डे कप्तान मिताली राज ने बीसीसीआई को शिकायती पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कोच रमेश पोवार पर पक्षपात का आरोप लगाया। राज का आरोप है कि पोवार ने वेस्टइंडीज में वर्ल्ड टी20 की शुरुआत से ही उन्हें अपमानित किया।

राज ने अपने पत्र में खुलासा किया कि वर्ल्ड टी20 के सेमीफाइनल में टीम इंडिया से बाहर होने पर वह काफी निराश और हैरान हुईं। राज ने शिकायती पत्र में यह भी बताया कि कोच ने उन्हें ड्रेसिंग रूम में नजरबंद कर दिया था।

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