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ओमान तक होगी अब भारतीय सैन्य पहुँच कुदम पोर्ट पर बनेगा मिल्ट्री बेस

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओमान यात्रा के दौरान भारत को एक बड़ी रणनीतिक सफलता मिली है। हिंद महासागर में चीन से मुकाबले के मद्देनज़र इसे काफ़ी अहम माना जा रहा है। मीडिया के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान ओमान ने अपने दुक़्म बंदरग़ाह के रणनीतिक उपयोग की भारत को इजाज़त दे दी है। दुकम पोर्ट ओमान के दक्षिणपूर्वी भाग में स्थित है और यहां से एक साथ अरब सागर और हिंद महासागर दोनों तरफ नजर रखी जा सकती है। इस पोर्ट का सामरिक एवं रणनीतिक महत्व काफी ज्यादा है क्योंकि यह ईरान के चाबाहार बंदरगाह के नजदीक स्थित है।

बता दें भारत सेशेल्स में एजम्पशन आइलैंड और मॉरीशस में एगालेगा बंदरगाह को पहले से ही विकसित कर रहा है, ऐसे में दुकम पोर्ट तक सैन्य पहुंच होने से भारत की सामुद्रिक सुरक्षा और मजबूत होगी। इसे पीएम मोदी की दो दिवसीय ओमान यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्ध‍ि के रूप में देखा जा सकता है। यानी अब भारत यहां अपना नौसैनिक अड्‌डा बना सकता है। साथ ही व्यापारिक गतिविधियां भी यहां से संचालित कर सकता है।

यही नहीं भारत इस जगह से पाकिस्तान के ग्वादर और ईरान के चाबहार बंदरग़ाह पर भी आसानी से नज़र रख सकता है। पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान सैयद कबूस बिन सईद अल सईद से मुलाकात की थी और इस दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग एक के एक समझौते पर भी दस्तखत हुए हैं। इस समझौते के लागू होने के बाद दुकम बंदरगाह और ड्राई डॉक का इस्तेमाल भारतीय सैन्य जहाज के रखरखाव के लिए किया जा सकेगा।

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