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MP Elections : पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताज सिंह को बीजेपी ने नहीं दिया टिकट तो रोने लगे और कांग्रेस में शामिल हो गये

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मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Madhya Pradesh Assembly Election) का बिगुल बज चुका है और सभी पार्टियां चुनवी मैदान में अपने-अपने योद्धाओं को उतार रही है. मगर मध्य प्रदेश विधानसभा के लिए 28 नवंबर को होने वाले चुनाव से ठीक ऐन पहले भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी को करारा झटका देते हुए पार्टी के 77 वर्षीय वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताज सिंह (Sartaj Singh) टिकट न मिलने से फूट-फूट कर रो पड़े और चंद ही मिनटों बाद भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गये. सरताज सिंह को कांग्रेस ने पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद होशंगाबाद विधानसभा क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बना दिया गया.

इसी के साथ कांग्रेस ने प्रदेश की 230 सीटों के लिए अपने प्रत्याशी घोषित कर दिये हैं. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को उम्मीदवारों की छठी और अंतिम सूची जारी कर दी. पार्टी की ओर से जारी इस सूची में सात नाम हैं जिनमें मानपुर, इंदौर -1 और रतलाम-ग्रामीण सीटों पर उम्मीदवार बदले गए हैं तो जतारा की सीट लोकतांत्रिक जनता दल को दी गई है. इससे पहले बृहस्पतिवार को दिन में कांग्रेस ने उम्मीदवारों की पांचवीं सूची जारी की थी जिसमें 16 नाम शामिल थे. कांग्रेस की छठी सूची में पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण यादव का नाम भी शामिल है जो बुधनी से चुनाव लड़ेंगे.

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सरताज सिंह ने कहा, ‘मैं कांग्रेस का आभारी हूं कि उसने मुझे होशंगाबाद सीट से टिकट दिया है. मैं 58 साल तक भाजपा में रहा, लेकिन इसके बावजूद भाजपा ने मुझे इस बार टिकट नहीं दिया. मैं जनता के बीच रहकर उसकी और सेवा करना चाहता हूं, इसलिए चुनाव लड़ रहा हूं.’ उन्होंने कहा, ‘मैं अपने घर में बैठकर माला नहीं जपना चाहता हूं. मैं लोगों की सेवा करना चाहता हूं.’ भाजपा के सिख चेहरे रहे सरताज सिंह मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले की सिवनी-मालवा से दो बार विधायक बने. वर्तमान में वह इस सीट से विधायक हैं और इस सीट से टिकट मांग रहे थे. हालांकि, इस सीट पर अब तक भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है.

गुरुवार को ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव को लेकर अपने उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी कर दी. चौथी सूची में कुल सात विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की गई है. पार्टी ने पवई सीट से प्रहलाद लोधी को टिकट दिया है वहीं पन्ना और लखनादौन (एसटी) सीट से ब्रिजेंदर सिंह और विजय उकई को मैदान में उतारा गया है. इसी तरह सिवनी मालवा और भोपाल उत्तर से प्रेमशंकर वर्मा और फातिमा रसुल को चुनावी मैदान मे उतारा गया है. जबकि माहिपुर और गरोठ से पार्टी ने बहादुर सिंह चौहान देवीलाल धाकड़ पर दाव खेला है. इससे पहले भाजपा ने गुरुवार को 32 प्रत्याशियों की तीसरी सूची जारी की.

भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज जब सरताज सिंह रो रहे थे, तब वह अपने समर्थकों के बीच बैठे हुए थे और अपने दोनों हाथों को कुछ क्षणों तक अपने चेहरे पर लगाकर अपने निकले हुए आंसुओं को छिपाने का प्रयास करते नजर आए. उनके समर्थकों ने बताया कि भाजपा ने वरिष्ठ विधायक सरताज सिंह को सूचित कर दिया है कि उन्हें सिवनी-मालवा से फिर से टिकट नहीं दिया जाएगा.    इससे पहले सिंह को मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री पद से वर्ष जून 2016 में कथित रूप से 75 साल की उम्र पार करने की वजह से हटाया गया था.

सरताज सिंह के आंसू छलकने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मध्य प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अनिल सौमित्र ने बताया कि सरताज सिंह द्वारा ऐसा करना अशोभनीय है. सौमित्र ने कहा, ‘भाजपा ने उन्हें बहुत कुछ दिया है. पार्टी ने उन्हें केन्द्रीय मंत्री बनाया, दो बार मध्य प्रदेश का मंत्री बनाया, सांसद (होशंगाबाद से) बनाया एवं विधायक बनाया. इससे ज्यादा वह क्या चाहते हैं?’ उनकी 77 वर्ष की उम्र की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘उनकी (सरताज) वानप्रस्थ की उम्र हो गई है. वह वानप्रस्थ आश्रम की बजाय गृहस्थ आश्रम में ही रहना चाहते हैं.’

राज्य की सभी 230 विधानसभा सीटों पर 28 नवंबर को मतदान है. 11 दिसंबर को नतीजे घोषित होंगे.

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