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ये हिंदुस्तान मेरे बाप का मुल्क है… जब पिता का मुल्क है तो बेटा कैसे निकलेगा यहां से – असदद्दीन ओवैसी

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हैदराबाद (Hyderabad) से सांसद और एआईएमआईएम (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कुछ घंटों बाद ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार किया है. दरअसल, सीएम योगी ने कहा था कि अगर तेलंगाना में बीजेपी सत्ता में आती है तो ओवैसी को भागना होगा. इसके जवाब में ओवैसी ने सीएम योगी पर पलटवार किया और बोला कि यह देश उनके पिता का है और कोई भी उन्हें भागने लिए जबरदस्ती नहीं कर सकता.

दरअसल, 7 नवंबर को होने वाले तंलगाना चुनाव से पहले एक रैली को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा था कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो ओवैसी को ठीक उसी तरह तेलंगाना से भागना होगा, जैसे निजामों को हैदराबाद से बाहर भागना पड़ा था. बता दें कि तेलंगाना में 119 विधानसभा सीटें हैं. बीजेपी यहां अकेले चुनाव लड़ रही है.

असदद्दीन ओवैसी ने कहा कि ‘सुनो उत्तर प्रदेश के सीएम, ये हिंदुस्तान मेरे बाप का मुल्क है… जब पिता का मुल्क है तो बेटा कैसे निकलेगा यहां से..’ ओवैसी ने कहा कि यह मेरा धार्मिक विश्वास है कि, ‘पैगंबर आदम, जब वह जन्नत से पृथ्वी पर उतरे, तो सबसे पहले भारत आए.

ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ से सवाल करते हुए पूछा कि ‘ये मुल्क आपका है, मेरा नहीं है ? क्या बीजेपी के खिलाफ बोलने, मोदी के खिलाफ बोलने, उसकी नीतियों की आलोचना करने, आरएसएस के खिलाफ बोलने और योगी पर बोलने से मुल्क से भगा दिया जाएगा. ओवैसी ने कहा कि इनके यूपी सीएम हैदराबाद में टपक गए. बेचारे यूपी सीएम कह रहे कि अगर तेलंगाना में बीजेपी की सरकार बनेगी तो ओवैसी को भगा देंगे. जिस तरह निजाम को भगाए थे. मैं इनको पूछ रहा हूं कि ये भगाने की बात तुम कब से कर रहे हो.’

ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए कहा- इनके निर्वाचन क्षेत्र में हर साल 150 बच्चे इंसेफ्लाइटिस से मरते हैं. बच्चे मर रहे हैं योगी, तुम्हारे गोरखपुर के दवाखाने में ऑक्सीजन नहीं होती. तुमको वहां की फिक्र नहीं, तुम यहां आ रहे हो, यहां आकर नफरत की दीवार खड़ी करने की बात कर रहे हो.

ओवैसी ने योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि आप तारीख तो जानते नहीं, हिस्ट्री में जीरो हैं आप. अगर पढ़ना नहीं आता तो पढ़ने वालों से पूछो. अर पढ़ते तो मालुम होता कि निजाम हैदराबाद छोड़कर नहीं गए, उनको राजप्रमुख बनाया गया था. चीन से जंग हुई तो यही निजाम न अपने सोना बेच दिया था.

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