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अवैध खनन घोटाले में CBI अखिलेश यादव से कर सकती है पूछताछ|

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अवैध खनन घोटाले की आंच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) तक पहुंच सकती है। CBI पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा तत्कालीन माइनिंग मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) का भी नाम है। आपको बता दें कि 2012 से 2013 तक अखिलेश के पास यह चार्ज था। आपको बता दें कि शनिवार को रेत के अवैध खनन से जुड़े मामले में सीबीआई ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 12 जगहों पर छापे मारे। अधिकारियों ने बताया कि आईएएस अधिकारी बी. चन्द्रकला सहित वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों पर इस संबंध में छापे मारे गए।

सीबीआई ने इस मामले में 11 सरकारी और कई अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। दरअसल 31.5.2012 को एक टेंडर हुआ था जो e-tender के मार्फत नहीं किया गया था। लिहाजा इस मामले को कोर्ट ने काफी गंभीरता से लेते हुए सीबीआई को जांच के निर्देश दिए थे। आज CBI ने कार्रवाई की है। आरोपियों का नाम आईएएस बी .चन्द्रकला और एक माइनिंग लीज होल्डर आदिल खान है। आईएएस बी.चंद्रकला के 1 लॉकर और दो खाते सीज किए गए हैं।

क्या है पूरा मामला – बी चंद्रकला पर हमीरपुर में जिलाधिकारी रहते हुए अवैध खनन व अपने चहेतों को पट्टे देने का आरोप है। इस संबंध में दो साल पहले हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया।

2012 के बाद बी. चंद्रकला ने दिए थे खनन के पट्टे- बता दें कि अखिलेश यादव की सरकार में आईएएस बी.चन्द्रकला की पोस्टिंग पहली बार हमीरपुर जिले में जिलाधिकारी के पद पर की गई थी।

आरोप है कि इस आईएएस ने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के खनन के पट्टे किए थे। जबकि ई-टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था लेकिन बी.चन्द्रकला ने सारे प्रावधानों की अनदेखी की थी।

गौरतलब है कि अखिलेश यादव ने यूपी में सरकार के गठन के समय 2012 से जुलाई 2013 तक खनन मंत्रालय खुद अपने पास रखा था। खनन विभाग के एक अन्य पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को भी सीबीआई इस मामले में तलब कर सकती है।

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