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दिल्लीवालों ने दिवाली पर जमकर उड़ाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां, पटाखों ने बिछाई धुंध की चादर

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दिवाली के मौक़े पर दिल्ली (Delhi) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ीं. Delhi-NCR में लोगों ने जमकर आतिशबाज़ियां कीं और प्रदूषण (Pollution) की रत्ती भर भी परवान नहीं की. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में सिर्फ ग्रीन पटाखे छोड़ने और उसके लिए रात 8 से 10 बजे तक का ही समय दिया था लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जिसकी वजह से दिवाली की अगली सुबह यानी गुरुवार का मौसम बेहद खराब हो गया और दिल्ली में प्रदूषण की वजह से धूंध की मोटी चादर बिछी दिखी. पहले से ही गैस चेंबर में तब्दील दिल्ली दिवाली पर बढ़े प्रदूषण की वजह से और ज़हरीली हो गई. दिवाली के बाद की सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (Air Quality Index) 374 तक पहुंचा हुआ था .जो बहुत ही ख़राब की श्रेणी में आता है. कई जगह ये आंकड़ा 999 तक देखा गया जो ख़तरनाक से भी अधिक है.

दिल्ली की हवा की गुणवत्ता बुधवार की रात ‘बेहद खराब’ की श्रेणी की तरफ बढ़ गयी. राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाके में लोगों ने रात आठ से दस बजे के बीच पटाखा फोड़ने के लिये उच्चतम न्यायालय द्वारा तय की गई समय-सीमा का उल्लंघन किया. दिल्ली में बुधवार रात दस बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 296 दर्ज किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार शाम सात बजे एक्यूआई 281 था. रात आठ बजे यह बढ़कर 291 और रात नौ बजे यह 294 हो गया. हालांकि, केंद्र द्वारा संचालित सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने समग्र एक्यूआई 319 दर्ज किया जो ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में आता है.

कोर्ट ने पुलिस से इस बात को सुनिश्चित करने को कहा था कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री नहीं हो और किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित थाना के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा और यह अदालत की अवमानना होगी. हांलाकि दिल्ली पुलिस ने पटाखे चलाने के लिए कई लोगों को हिरासत में भी लिया है. दिल्ली के कमला नगर इलाक़े से कई लोग हिरासत में लिए गए. इसके अलावा दिल्ली के दूसरे इलाक़ों से भी लोगों को हिरासत में लिए जाने की ख़बर है.

आनंद विहार, आईटीओ और जहांगीरपुरी समेत कई इलाकों में प्रदूषण का बेहद उच्च स्तर दर्ज किया गया. मयूर विहार एक्सटेंशन, लाजपत नगर, लुटियंस दिल्ली, आईपी एक्सटेंशन, द्वारका, नोएडा सेक्टर 78 समेत अन्य स्थानों से न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किये जाने की सूचना प्राप्त हुई है. शहर में प्रदूषण निगरानी केंद्रों के ऑनलाइन संकेतकों ने ‘खराब’ और ‘बेहद खराब’ हवा की गुणवत्ता का संकेत दिया. रात आठ बजे के करीब पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में तेजी से वृद्धि हुई. सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार पीएम 2.5 और पीएम 10 का 24 घंटे का औसत क्रमश: 164 और 294 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा.

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